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यहेजकेल ५:१३-१७

ईश्वरीय क्रोध की पूर्ति

यहेजकेल ५:१३-१७
१३
“तब मेरा क्रोध बंद होगा और उनके विरुद्ध मेरा कोप शांत होगा, और मेरा प्रतिशोध पूरा होगा. और जब उन पर मेरा कोप खत्म हो जाएगा, तब वे जानेंगे कि मैं, याहवेह अपने उत्साह में उनसे यह सब कहा है.
१४
“मैं तुम्हें उजाड़ दूंगा और तुम्हारे चारों तरफ के जातियों के बीच और वे जो वहां से होकर गुज़रते हैं, उनकी दृष्टि में, मैं तुम्हें एक कलंक बना दूंगा.
१५
जब मैं अपने क्रोध और कोप में बहुत फटकार के साथ तुम्हें दंड दूंगा, तब तुम अपने चारों तरफ के जातियों के लिये एक कलंक और एक निंदा, एक चेतावनी और एक बहुत घृणा के पात्र बन जाओगे. मैं, याहवेह ने यह कहा है.
१६
जब मैं तुम पर अकाल के घातक और विनाशकारी तीर छोड़ूंगा, तो तुम्हें नाश करने के लिये ऐसा करूंगा. मैं तुम्हारे ऊपर बार-बार अकाल लाऊंगा और तुम्हारा भोजन-पानी बंद कर दूंगा.
१७
मैं तुम्हारे बीच अकाल और जंगली जानवर भेजूंगा और वे तुम्हें संतानहीन कर देंगे. महामारी और रक्तपात तुम्हारे बीच होगा, और मैं तुम पर तलवार चलवाऊंगा. मैं, याहवेह ने यह कहा है.”
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