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निर्गमन २६:१८-२५

निर्गमन २६:१८-२५

१८
पवित्र स्थान के लिए बीस तख्ते दक्षिण की ओर बनवाना.
१९
उनके नीचे चांदी की चालीस कुर्सियां बनवाना जो तख्तों के नीचे रखी जायेंगी. हर तख्ते के नीचे उसकी दो चूलों के लिए दो कुर्सियां बनवाना.
२०
और इसी प्रकार उत्तर की ओर भी बीस तख्ते बनवाना.
२१
और चांदी की चालीस कुर्सियां, हर एक तख्ते के नीचे दो कुर्सियां बनवाना.
२२
पवित्र स्थान के पीछे पश्चिम की ओर छः तख्ते बनवाना.
२३
और पीछे के भाग के कोनों के लिए दो तख्ते बनवाना.
२४
कोने के दोनों तख्ते एक साथ जोड़ देना चाहिए. तले में दोनों तख्तों की खूंटियां चांदी के एक ही आधार में लगेंगी और दोनों भाग ऊपर से जुड़े हों, और नीचे का भाग अलग हो.
२५
इस प्रकार आठ तख्ते बनवाना, जिनके नीचे चांदी की सोलह कुर्सियां हों, हर तख्ते के नीचे दो कुर्सियां हों.
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