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उद्बोधक १:१

उद्बोधक १:१

आसपास के संदर्भ के साथ पद दिखाया जा रहा है।
दावीद के पुत्र, येरूशलेम में राजा, दार्शनिक के वचन:
“बेकार ही बेकार!” दार्शनिक का कहना है. “बेकार ही बेकार! बेकार है सब कुछ.”
सूरज के नीचे मनुष्य द्वारा किए गए कामों से उसे क्या मिलता है?
एक पीढ़ी खत्म होती है और दूसरी आती है, मगर पृथ्वी हमेशा बनी रहती है.
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