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उद्बोधक १:१

उपदेशक का परिचय

उद्बोधक १:१
आसपास के संदर्भ के साथ पद १ दिखाया जा रहा है।
१
दावीद के पुत्र, येरूशलेम में राजा, दार्शनिक के वचन:
२
“बेकार ही बेकार!” दार्शनिक का कहना है. “बेकार ही बेकार! बेकार है सब कुछ.”
३
सूरज के नीचे मनुष्य द्वारा किए गए कामों से उसे क्या मिलता है?
४
एक पीढ़ी खत्म होती है और दूसरी आती है, मगर पृथ्वी हमेशा बनी रहती है.
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