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व्यवस्था ३:२६-२७

व्यवस्था ३:२६-२७

२६
मगर याहवेह तुम्हारे कारण मुझसे क्रोधित थे. उन्होंने मेरी इस विनती को अनसुनी की. उन्होंने कहा, “बहुत हो चुका, अब मुझसे इस विषय का वर्णन न करना.
२७
पिसगाह पर्वत शिखर पर चले जाओ, पश्चिम, उत्तर, पूर्व और दक्षिण दिशा की ओर दृष्टि कर उसको देख लो, क्योंकि यरदन के पार तो तुम जा ही न सकोगे.
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