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व्यवस्था २३:९-१४

छावनी में पवित्रता और शुद्धता

व्यवस्था २३:९-१४
ज़रूरी है कि जब तुम युद्ध के लिए कूच करो, तुम सांस्कारिक रूप से शुद्ध रहो.
१०
यदि छावनी में कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसे रात में स्वाभाविक वीर्यपात हुआ है, वह छावनी के बाहर चला जाए; छावनी में प्रवेश न करे.
११
सायंकाल वह स्‍नान करे और सूर्यास्त पर वह छावनी में प्रवेश कर सकता है.
१२
ज़रूरी है कि छावनी के बाहर ही शौच के लिए एक स्थान तय किया जाए.
१३
तुम्हारे उपकरण में एक बेलचा भी हो, कि जब तुम शौच के लिए वहां बैठो, इससे भूमि को खोदो और इसके बाद मल को भूमि में दबा दो.
१४
क्योंकि याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर तुम्हारे छावनी के बीच विचरण करते हैं, कि तुम्हें विजय प्रदान करें, तुम्हारे शत्रुओं को तुम्हारे सामने हराएं, तब ज़रूरी है कि छावनी में पवित्रता बनाई रखी जाए. याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर को तुम्हारे बीच कुछ भी अभद्र दिखाई न दे, नहीं तो वह तुमसे दूर चले जाएंगे.
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