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व्यवस्था २३:१५-१८

न्याय, नैतिकता और मन्नतों के नियम

व्यवस्था २३:१५-१८
१५
वह दास, जो अपने स्वामी के दासत्व से भागकर तुम्हारे आश्रय में आया हुआ है, तुम उसे उसके स्वामी को नहीं लौटाओगे.
१६
वह तुम्हारे ही बीच में निवास करेगा, उसी स्थान पर जो अपने लिए उपयुक्त समझा है, तुम उसके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं करोगे.
१७
इस्राएल राष्ट्र की पुत्रियां या पुत्र मंदिर वेश्या नहीं बनेंगे.
१८
तुम याहवेह, अपने परमेश्वर को न तो वेश्यावृत्ति का वेतन भेंट करोगे और न ही पुरुष वेश्या द्वारा कमाई गई राशि को मन्नत की भेंट स्वरूप अर्पित करोगे. ये दोनों ही याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर की दृष्टि में घृणित हैं.
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