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प्रेरितों ३:२-३

प्रेरितों ३:२-३

उसी समय जन्म से अपंग एक व्यक्ति को भी वहां ले जाया जा रहा था, जिसे प्रतिदिन मंदिर के ओरियन अर्थात् सुंदर नामक द्वार पर छोड़ दिया जाता था कि वह वहां प्रवेश करते व्यक्तियों से भिक्षा विनती कर सके.
पेतरॉस और योहन को प्रवेश करते देख उसने उनसे भीख मांगी.
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