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2 पेतरॉस १:५-७

2 पेतरॉस १:५-७

इसलिये तुम हर संभव कोशिश करते हुए अपने विश्वास में नैतिक सदगुण, नैतिक सदगुण में समझ,
अपने समझ में आत्मसंयम, आत्मसंयम में धीरज, धीरज में भक्ति,
भक्ति में भाईचारा तथा भाईचारे में निस्स्वार्थ प्रेम में बढ़ते जाओ.
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