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2 कोरिंथ ५:३-४

2 कोरिंथ ५:३-४

क्योंकि उसे धारण करने के बाद हम नंगे न रह जाएंगे.
सच यह है कि इस घर में रहते हुए हम बोझ में दबे हुए कराहते रहते हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि हम नंगे न रहें परंतु वस्त्र धारण करें कि जो कुछ शारीरिक है, वह जीवन का निवाला बन जाए.
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