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1 कोरिंथ ८:१-३

ज्ञान बनाम प्रेम

1 कोरिंथ ८:१-३
अब मूर्तियों को चढ़ाई हुई वस्तुओं के संबंध में: हम जानते हैं कि हम सब ज्ञानी हैं. वास्तव में तो ज्ञान हमें घमंडी बनाता है जबकि प्रेम हमें उन्‍नत करता है.
यदि कोई यह समझता है कि वह ज्ञानवान है तो वास्तव में वह अब तक वैसा ज्ञान ही नहीं पाया, जैसा जानना उसके लिए ज़रूरी है.
वह, जो परमेश्वर से प्रेम करता है, परमेश्वर का परिचित हो जाता है.
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