1 कोरिंथ २:३-५
३
जब मैं तुम्हारे बीच था, मैं निर्बल था—भयभीत और थरथराता हुआ.
४
मेरा वचन तथा मेरा प्रचार मनुष्य के ज्ञान भरे शब्दों की लुभावनी शैली में नहीं परंतु पवित्र आत्मा तथा सामर्थ्य के प्रमाण में था,
५
कि तुम्हारे विश्वास का आधार परमेश्वर का सामर्थ्य हो, न कि मनुष्य का ज्ञान.