1 इतिहास ५:१८-२६
१८
रियूबेन वंशजों में, गाद-वंशजों में और मनश्शेह के आधे गोत्र में वीर योद्धा थे. ये ढाल और तलवार लेकर चलते थे और वे धनुष भी चलाते थे. वे युद्ध कला में कुशल थे. युद्ध के लिए तैयार इनकी संख्या 44,760 थी.
१९
उन्होंने हग्रि, येतुर, नाफिश और नोदाबी जातियों पर हमला किया.
२०
उन्हें उनके विरुद्ध सहायता मिली और हग्रि और उनके साथी इनके अधीन कर दिए गए, क्योंकि युद्ध करते हुए उन्होंने परमेश्वर की दोहाई दी और परमेश्वर ने उनकी विनती सुनकर उनका यह ज़रूरी आग्रह सुन लिया, क्योंकि उन्होंने परमेश्वर में विश्वास किया था.
२१
इन्होंने उनके पशुओं को अपने अधिकार में कर लिया: 50,000 ऊंट, 2,50,000 भेड़ें, 2,000 गधे और 1,00,000 पुरुष जीवित बंदी बनाए गए.
२२
अनेक घात किए गए क्योंकि युद्ध परमेश्वर का था. वे लोग बंदी बनाए जाने तक इस क्षेत्र में रहते रहे.
२३
मनश्शेह के अर्धकुल के सदस्य इस देश में रहते रहे, जो अनगिनत थे और बाशान से लेकर बाल-हरमोन तक और सेनीर (और हरमोन पर्वत) तक बसे हुए थे.
२४
उनके गोत्रपिताओं के वंशजों के नायकों के नाम निम्न लिखित है एफ़र, इशी, एलिएल, अज़रिएल, येरेमियाह, होदवियाह और याहदिएल, ये वीर योद्धा, मशहूर व्यक्ति और अपने पिता के गोत्रों के प्रधान थे.
२५
किंतु उन्होंने अपने पूर्वजों के परमेश्वर से विश्वासघात किया और देश के पराए देवताओं को अपना लिया, जिन्हें परमेश्वर ने उनके सामने से खत्म किया था.
२६
तब इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पूल, (अर्थात् अश्शूर के राजा तिगलथ-पलेसेर) का हृदय उभारा और वह उन्हें बंधुआई में ले गया अर्थात् रियूबेन-वंशजों, गाद-वंशजों और मनश्शेह-वंशजों के आधे गोत्र को. इन्हें वह हालाह, हाबोर, हारा और गोज़ान नदी के पास ले आया.
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