Nimrim
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Nimrim का उल्लेख करने वाले वचन
निमरीम नदी सूख गयी है, घास मुरझा गई है; हरियाली नहीं बची है.
“हेशबोन में उठ रही चिल्लाहट से एलिआलेह तक हां, याहज़ तक उन्होंने अपना स्वर उठाया है, ज़ोअर से होरोनयिम तक तथा एगलथ शलिशियाह तक, क्योंकि निमरीम की जल राशि समाप्त हो जाएगी.