Ammishaddai
Ammishaddai का उल्लेख करने वाले वचन
दान से अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र;
उत्तर दिशा में उनके झंडे के नीचे दान गोत्र के सैनिकों का स्थान होगा. इनका प्रधान था अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र.
दसवें दिन अम्मीशद्दाय के पुत्र अहीएज़र ने, जो दान के गोत्र का प्रधान था, भेंट चढ़ाई.
मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह अम्मीशद्दाय के पुत्र अहीएज़र द्वारा चढ़ाई गई थी.
इसके बाद उनकी सेना के अनुसार दान गोत्र के घराने की छावनी का झंडा था. कूच करते हुए यह सारी छावनी के लिए प्राण रक्षक सेना हुई. इस सेना का सेनापति अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र था.