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सर्वश्रेष्ठ गीत २:११-१२

सर्वश्रेष्ठ गीत २:११-१२

११
क्योंकि देख लो! जाड़ा जा रहा है; वर्षा ऋतु भी हो चुकी है.
१२
देश में फूल खिल चुके हैं; गुनगुनाने का समय आ चुका है, हमारे देश में कबूतरों का गीत सुनाई देने लगा है.
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