Skip to content
रोमियों ५:३-४

रोमियों ५:३-४

इतना ही नहीं, हम अपने क्लेशों में भी आनंदित बने रहते हैं. हम जानते हैं कि क्लेश में से धीरज;
धीरज में से खरा चरित्र तथा खरे चरित्र में से आशा उत्पन्‍न होती है
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options