रोमियों ४:६-८
६
जैसे दावीद ने उस व्यक्ति की धन्यता का वर्णन किया है, जिसे परमेश्वर ने व्यवस्था का पालन न करने पर भी धर्मी घोषित किया:
७
धन्य हैं वे, जिनके अपराध क्षमा कर दिए गए, जिनके पापों को ढांप दिया गया है.
८
धन्य है वह व्यक्ति, जिसके पापों का हिसाब प्रभु कभी न लेंगे.