Skip to content
स्तोत्र ९:१५-१६

स्तोत्र ९:१५-१६

१५
अन्य जनता उसी गड्ढे में जा गिरे, जिसे स्वयं उन्हीं ने खोदा था; उनके पैर उसी जाल में जा फंसे, जिसे उन्होंने बिछाया था.
१६
याहवेह ने स्वयं को प्रकट किया, उन्होंने न्याय सम्पन्‍न किया; दुष्ट अपने ही फंदे में उलझ कर रह गए.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options