Skip to content
स्तोत्र ८६:५-७

परमेश्वर की भलाई का आधार

स्तोत्र ८६:५-७
प्रभु, आप कृपानिधान एवं क्षमा शील हैं, उन सभी के प्रति, जो आपको पुकारते हैं, आपका करुणा-प्रेम महान है.
याहवेह, मेरी प्रार्थना सुनिए; कृपा कर मेरी पुकार पर ध्यान दीजिए.
संकट के अवसर पर मैं आपको पुकारूंगा, क्योंकि आप मुझे उत्तर देंगे.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options