Skip to content
स्तोत्र ८२:३-४

स्तोत्र ८२:३-४

दुःखी तथा पितृहीन का पक्ष दृढ़ करो; दरिद्रों एवं दुःखितों के अधिकारों की रक्षा करो.
दुर्बल एवं दीनों को छुड़ा लो; दुष्ट के फंदे से उन्हें बचा लो.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options