Skip to content
स्तोत्र ७३:२३-२४

स्तोत्र ७३:२३-२४

२३
किंतु मैं सदैव आपके निकट रहा हूं; और आप मेरा दायां हाथ थामे रहे.
२४
आप अपनी सम्मति द्वारा मेरी अगुवाई करते हैं, और अंत में आप मुझे अपनी महिमा में सम्मिलित कर लेंगे.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options