Skip to content
स्तोत्र ३७:१-२

स्तोत्र ३७:१-२

दावीद की रचना दुष्टों के कारण मत कुढ़ो, कुकर्मियों से डाह मत करो;
क्योंकि वे तो घास के समान शीघ्र मुरझा जाएंगे, वे हरे पौधे के समान शीघ्र नष्ट हो जाएंगे.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options