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स्तोत्र २९:१०-११

परमेश्वर का अनन्त राज्य और आशीष

स्तोत्र २९:१०-११
१०
ढेर जल राशि पर याहवेह का सिंहासन बसा है; सर्वदा महाराजा होकर वह सिंहासन पर विराजमान हैं.
११
याहवेह अपनी प्रजा को बल प्रदान करते हैं; याहवेह अपनी प्रजा को शांति की आशीष प्रदान करते हैं.
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