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स्तोत्र २:१०-११

स्तोत्र २:१०-११

१०
तब राजाओ, बुद्धिमान बनो; पृथ्वी के न्यायियों, सचेत हो जाओ.
११
श्रद्धा भाव में याहवेह की आराधना करो; थरथराते हुए आनंद मनाओ.
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