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स्तोत्र ११८:१४-१५

स्तोत्र ११८:१४-१५

१४
मेरा बल और मेरा गीत याहवेह हैं; वे मेरा उद्धार बन गए हैं.
१५
धर्मियों के मंडप से ये उल्‍लासपूर्ण जयघोष प्रतिध्वनित हो रही हैं: “याहवेह के दायें हाथ ने महाकार्य किए हैं!
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