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स्तोत्र ११४:३-४

परमेश्वर की उपस्थिति पर प्रकृति की प्रतिक्रिया

स्तोत्र ११४:३-४
यह देख समुद्र पलायन कर गया, और यरदन नदी विपरीत दिशा में प्रवाहित होने लगी;
पर्वत मेढ़ों के तथा पहाड़ियां मेमनों के समान, छलांग लगाने लगीं.
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