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स्तोत्र ११३:१-३

सार्वभौमिक और अनन्त स्तुति का आह्वान

स्तोत्र ११३:१-३
१
याहवेह का स्तवन हो. याहवेह के सेवको, स्तवन करो; याहवेह की महिमा का स्तवन करो.
२
आज से सदा-सर्वदा याहवेह के नाम का स्तवन होता रहे.
३
उपयुक्त है कि सूर्योदय से सूर्यास्त के क्षण तक, याहवेह के नाम का स्तवन हो.
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