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स्तोत्र १०७:२९-३०

स्तोत्र १०७:२९-३०

२९
याहवेह ने बवंडर को शांत किया और समुद्र की लहरें स्तब्ध हो गईं.
३०
लहरों के शांत होने पर उनमें हर्ष की लहर दौड़ गई, याहवेह ने उन्हें उनके मनचाहे बंदरगाह तक पहुंचा दिया.
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