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स्तोत्र १०६:३४-३६

स्तोत्र १०६:३४-३६

३४
याहवेह के आदेश के अनुरूप उन्होंने उन लोगों की हत्या नहीं की,
३५
परंतु वे अन्य जनताओं से घुल-मिल गए और उन्होंने उनकी प्रथाएं भी अपना लीं.
३६
उन्होंने उनकी प्रतिमाओं की आराधना की, जो उनके लिए फंदा बन गईं.
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