Skip to content
स्तोत्र १०५:२३-२४

स्तोत्र १०५:२३-२४

२३
तब इस्राएल ने मिस्र में पदार्पण किया; तब हाम की धरती पर याकोब एक प्रवासी होकर रहने लगे.
२४
याहवेह ने अपने चुने हुओं को अत्यंत समृद्ध कर दिया; यहां तक कि उन्हें उनके शत्रुओं से अधिक प्रबल बना दिया,
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options