Skip to content
सूक्ति संग्रह ८:३४-३५

सूक्ति संग्रह ८:३४-३५

३४
धन्य होता है वह व्यक्ति, जो इन शिक्षाओं के समक्ष ठहरा रहता है, जिसे द्वार पर मेरी प्रतीक्षा रहती है.
३५
जिसने मुझे प्राप्‍त कर लिया, उसने जीवन प्राप्‍त कर लिया, उसने याहवेह की कृपादृष्टि प्राप्‍त कर ली.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options