Skip to content
सूक्ति संग्रह ४:१४-१६

सूक्ति संग्रह ४:१४-१६

१४
दुष्टों के मार्ग पर पांव न रखना, दुर्जनों की राह पर पांव न रखना.
१५
इससे दूर ही दूर रहना, उस मार्ग पर कभी न चलना; इससे मुड़कर आगे बढ़ जाना.
१६
उन्हें बुराई किए बिना नींद ही नहीं आती; जब तक वे किसी का बुरा न कर लें, वे करवटें बदलते रह जाते हैं.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options