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सूक्ति संग्रह ४:१४-१५

सूक्ति संग्रह ४:१४-१५

१४
दुष्टों के मार्ग पर पांव न रखना, दुर्जनों की राह पर पांव न रखना.
१५
इससे दूर ही दूर रहना, उस मार्ग पर कभी न चलना; इससे मुड़कर आगे बढ़ जाना.
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