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सूक्ति संग्रह ३:३१-३२

सूक्ति संग्रह ३:३१-३२

३१
न तो हिंसक व्यक्ति से ईर्ष्या करो और न उसकी जीवनशैली को अपनाओ.
३२
कुटिल व्यक्ति याहवेह के लिए घृणास्पद है किंतु धर्मी उनके विश्वासपात्र हैं.
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