Skip to content
सूक्ति संग्रह ३:१६-१८

सूक्ति संग्रह ३:१६-१८

१६
अपने दायें हाथ में वह दीर्घायु थामे हुए है; और बायें हाथ में समृद्धि और प्रतिष्ठा.
१७
उसके मार्ग आनन्द-दायक मार्ग हैं, और उसके सभी मार्गों में शांति है.
१८
जो उसे अपना लेते हैं, उनके लिए वह जीवन वृक्ष प्रमाणित होता है; जो उसे छोड़ते नहीं, वे धन्य होते हैं.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options