Skip to content
सूक्ति संग्रह १:२९-३०

सूक्ति संग्रह १:२९-३०

२९
क्योंकि उन्होंने ज्ञान से घृणा की थी और याहवेह के प्रति श्रद्धा को उपयुक्त न समझा.
३०
उन्होंने मेरा एक भी परामर्श स्वीकार नहीं किया उन्होंने मेरी ताड़नाओं को तुच्छ समझा,
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options