Skip to content
मत्तियाह ७:२६-२७

मत्तियाह ७:२६-२७

२६
इसके विपरीत हर एक जो, मेरी इन शिक्षाओं को सुनता तो है किंतु उनका पालन नहीं करता, वह उस निर्बुद्धि के समान होगा जिसने अपने भवन का निर्माण रेत पर किया.
२७
आंधी उठी, वर्षा हुई, बाढ़ आई, उस भवन पर थपेड़े पड़े और वह धराशायी हो गया—भयावह था उसका विनाश!”
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options