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मार्कास १५:६-८

मार्कास १५:६-८

उत्सव के अवसर पर वह किसी एक बंदी को, लोगों की विनती के अनुसार, छोड़ दिया करता था.
कारागार में बार-अब्बास नामक एक बंदी था. वह अन्य विद्रोहियों के साथ विद्रोह में हत्या के आरोप में बंदी बनाया गया था.
भीड़ ने पिलातॉस के पास जाकर उनकी प्रथापूर्ति की विनती की.
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