Skip to content
लेवी ३:१७

चरबी और लहू खाने का निषेध

लेवी ३:१७
आसपास के संदर्भ के साथ पद १७ दिखाया जा रहा है।
१४
इसमें से वह याहवेह के लिए अग्निबलि के रूप में ये प्रस्तुत करे: वह चर्बी जो आंतों को ढांपती है, वह पूरी चर्बी जो आंतों पर है,
१५
दोनों गुर्दे उस चर्बी के साथ जो कमर पर है, तथा कलेजे के ऊपर की झिल्ली जिसे वह गुर्दों सहित अलग करेगा.
१६
फिर पुरोहित इसे वेदी पर आहार स्वरूप, जलते हुए धुएं में भेंट करे; सुखद-सुगंध के लिए एक अग्निबलि. पूरी चर्बी याहवेह की है.
१७
“ ‘यह तुम्हारी पीढ़ियों तथा तुम्हारे निवासों में एक हमेशा की विधि है, तुम चर्बी को और रक्त को कभी न खाओगे.’ ”
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options