विलापगीत ३:१९-२३
१९
स्मरण कीजिए मेरी पीड़ा और मेरी भटकन, वह नागदौन तथा वह कड़वाहट.
२०
मेरी आत्मा को इसका स्मरण आता रहता है, मेरा मनोबल शून्य हुआ जा रहा है.
२१
मेरी आशा मात्र इस स्मृति के आधार पर जीवित है:
२२
याहवेह का करुणा-प्रेम, के ही कारण हम भस्म नही होते! कभी भी उनकी कृपा का ह्रास नहीं होता.
२३
प्रति प्रातः वे नए पाए जाते हैं; महान है आपकी विश्वासयोग्यता.
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