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प्रशासक ५:२०-२२

प्रशासक ५:२०-२२

२०
तारों ने आकाश से युद्ध किया. अपनी-अपनी कक्षाओं से उन्होंने सीसरा से युद्ध किया.
२१
कीशोन की धारा उन्हें बहा ले गई, पुराने समय से चली आ रही नदी की धारा—कीशोन की धारा. मेरे प्राण, दृढ़ निश्चय कर आगे बढ़ो.
२२
तब घोड़े की टाप सुने गए, उनके शूरवीर घोड़ों के टाप.
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