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येरेमियाह ५:३०-३१

येरेमियाह ५:३०-३१

३०
“देश में भयावह तथा रोमांचित स्थिति देखी गई है:
३१
भविष्यद्वक्ता झूठी भविष्यवाणी करते हैं, पुरोहित अपने ही अधिकार का प्रयोग कर राज्य-काल कर रहे है, मेरी प्रजा को यही प्रिय लग रहा है. यह सब घटित हो चुकने पर तुम क्या करोगे?
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