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यशायाह २४:१९-२०

यशायाह २४:१९-२०

१९
पृथ्वी टुकड़े-टुकड़े होकर, फट गई है और हिला दी गई है.
२०
पृथ्वी झूमती है और लड़खड़ाती है, और एक झोपड़ी समान डोलती है; और इतना अपराध बढ़ गया है, कि पाप के बोझ से दब गई और फिर कभी भी उठ न पाएगी.
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