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उत्पत्ति ४९:१३-१८

जबूलून, इस्साकार और दान

उत्पत्ति ४९:१३-१८
१३
“ज़ेबुलून सागर के किनारे रहेगा और इसका समुद्री तट जहाजों के लिए सुरक्षित होगा, और उसकी सीमा सीदोन देश तक फैल जायेगी.
१४
“इस्साखार एक बलवंत गधा है, वह पशुओं के बाड़े के बीच रहता है.
१५
जब उसने देखा कि आराम करने की जगह ठीक है, कि भूमि सुखदाई है, तब उसने अपने कंधे को बोझ उठाने के लिए झुका दिया और वह बेगार का दास बन जायेगा.
१६
“दान अपने लोगों का न्याय इस्राएल के एक गोत्र जैसा करेगा.
१७
दान मार्ग का एक सांप होगा, पथ पर एक सर्प! वह घोड़े की एड़ी को डसता है, और सवार अचानक गिर जाता है.
१८
“हे याहवेह, मैं आपके उद्धार की बाट जोहता हूं.
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