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गलातिया ५:२२-२३

गलातिया ५:२२-२३

२२
परंतु आत्मा का फल है प्रेम, आनंद, शांति, धीरज, दया, उदारता, विश्वस्तता,
२३
विनम्रता तथा आत्मसंयम; कोई भी विधान इनके विरुद्ध नहीं है.
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