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निर्गमन ३१:३-५

निर्गमन ३१:३-५

मैंने उसे मेरे आत्मा से प्रवीणता, समझ, बुद्धि और सब कामों की समझ देकर भर दिया है,
ताकि वह सोना, चांदी एवं कांसे पर कलात्मक रचना कर सके,
जड़ने के उद्देश्य से पत्थर काटने में कुशल तथा लकड़ी के खोदने में बुद्धि से कलाकारी का काम कर सके.
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