Skip to content
निर्गमन ३०:१-२

निर्गमन ३०:१-२

“धूप जलाने के लिए बबूल की लकड़ी की एक वेदी बनाना.
वेदी चौकोर हो, उसकी लंबाई तथा चौड़ाई पैंतालीस-पैंतालीस सेंटीमीटर तथा ऊंचाई नब्बे सेंटीमीटर की हो, उसकी सींग उसी टुकड़े में से बनाए.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options