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निर्गमन २३:१-३

निर्गमन २३:१-३

“तुम झूठी बात न फैलाना. बुरे व्यक्ति की सहायता के लिए झूठी गवाही न देना.
“बुराई करने के लिए न तो भीड़ में जाना, और न किसी झगड़े में भीड़ के साथ मिलकर झूठ कहना;
मुकदमे में अनुचित रूप से गरीब का पक्ष न लेना.
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