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इफ़ेसॉस ५:८-१०

इफ़ेसॉस ५:८-१०

इसके पहले तुम अंधकार थे, मगर अब प्रभु में ज्योति हो. इसलिये ज्योति की संतान की तरह स्वभाव करो.
(क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की धार्मिकता, सदाचार और सच में है)
१०
यह डूंढ़ो कि हमारे किन कामों से प्रभु संतुष्ट होते हैं.
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