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इफ़ेसॉस ४:२६-२७

इफ़ेसॉस ४:२६-२७

२६
“यदि तुम क्रोधित होते भी हो, तो भी पाप न करो.” सूर्यास्त तक तुम्हारे क्रोध का अंत हो जाए,
२७
शैतान को कोई अवसर न दो.
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